फिल्म पद्मावत को यूपी में प्रतिबंधित करने की मांग, उग्र आंदोलन की चेतावनी

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लखनऊ (जेएनएन)। फिल्म पद्मावत को लेकर कोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में राजपूत समाज के लोगों की गतिविधियां बढ़ गई है। कुछ जिलों में राजपूत नेताओं ने फिल्म का प्रदर्शन यूपी में प्रतिबंधित करने की मांग की है। राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा और ब्रज मंडल क्षत्रिय राजपूत महासभा जैसे संगठन फिर सक्रिय हो गए हैं। फिल्म प्रदर्शन को लेकर बढ़ने वाली आशंकाओं के प्रति राज्य सरकार सतर्क है। उल्लेखनीय है कि विवादों से घिरी संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत पर विभिन्न राज्यों में लगाए बैन को सुप्रीम कोर्ट द्वारा हटाए जाने के बाद राजस्थान का राजपूत समाज उग्र हो गया और लोग सड़कों पर उतर आए। राजपूत समाज ने फिल्म रिलीज होने पर जौहर की ज्वाला में बहुंत कुछ जल जाने की धमकी दी है। 24 जनवरी को करीब पांच हजार राजपूत महिलाएं जौहर करेंगी। यह जौहर उसी स्थान पर होगा जहां रानी पद्मनी ने 16 हजार सखियोंऔर रानियों के साथ जौहर किया था । इसका असर राजस्थान से सटे उत्तर प्रदेश के शहरों में भी पड़ा है।

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लखीमपुर में राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा अध्यक्ष कुलदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा गया। जिसमें 25 जनवरी 2018 को रिलीज होने वाली फिल्म पद्मावत को उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित करने की मांग की गई। भारतीय हिंदू संस्कृति की रानी पद्मावती को सती मां के रूप में पूजा जाता है फिल्म निर्देशक ने गलत तरीके से प्रदर्शित करने तथा राजपूतों के इतिहास के साथ खिलवाड़ किया है। राजपूतों के इतिहास के साथ छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हर स्तर पर संघर्ष करते रहेंगे। राजपूतों के हितों और राजपूत इतिहास को देखते हुए भंसाली के ऊपर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए और तत्काल फिल्म पर प्रतिबंध न लगाया गया तो वह सब उग्र रूप धारण करने पर विवश होंगे। ब्रज मंडल क्षत्रिय राजपूत महासभा के अध्यक्ष मुकेश सिंह ने एक बयान में कहा है कि पद्मावत फिल्म के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

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