टोक्यो। उत्तर कोरिया लगातार दुनिया और यूएन की चेतावनी की अनदेखी कर परमाणु बमों का परीक्षण कर रहा है। अमेरिका की तरफ से बार-बार दी गई धमकी का उस पर थोड़ा सा भी असर पड़ता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है और वह उल्टे अमेरिका को परमाणु बम से हमले की भी धमकी दे रहा है। यही वजह है कोरियाई देश में स्थिति इस वक्त बेहद तनावपूर्ण बन गई है। इस बीच जापान की तरफ से जो मीडिया रिपोर्ट सामने आयी है वो और हैरान करनेवाली है। उस रिपोर्ट में यह कहा गया है कि परमाणु बमों के ताजा विस्फोट के बाद सुरंगों के ढहने के चलते नॉर्थ कोरिया में करीब 200 लोगों की मौत हो गई है।
परमाणु विस्फोट के बाद ढह गई सुरंग
असही टेलीविजन ने नॉर्थ कोरिया के बेनाम सूत्रों के हवाले से बताया है कि जिस वक्त तीन सितंबर को छठा परमाणु परीक्षण किम जोन उन की तरफ से किया गया था, उसके जबरदस्त विस्फोट के चलते पुन्गेई-री में एक सुरंग ढह गयी थी। जापानी ब्रॉडकास्टर्स के मुताबिक, शुरुआत में करीब 100 श्रमिकों के मौत की खबर आयी थी। लेकिन, जब राहत कार्य शुरू हुआ उसके बाद एक अन्य सुरंग भी ढह गई जिसमें करीब 200 लोगों की मौत हो गई। असही टेलीवजन के मुताबिक यह हादसा परमाणु टेस्ट के बाद हुआ था।
रेडियोएक्टिव लीक होने का बढ़ा ख़तरा
विशेषज्ञों ने इस बात की चेतावनी दी है कि चीन सीमा के पास अंडरग्राउंड टेस्ट के चलते यह पर्वतीय सुरंग गिरी है और वातावरण में रेडिएशन लीक होने का खतरा काफी बढ़ गया है। सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए यह पता चलता है कि साल 2006 के बाद नॉर्थ कोरिया की तरफ किए गए इस छठे परमाणु बम वस्फोट के चलते उस जगह के आसपास के इलाकों में भूस्खलन शुरू हो गया था। 38 नॉर्थ वेबसाइट की तरफ से छापी गई तस्वीर से यह साफ पता चलता है कि पुंगई-री में जोरदार बम विस्फोट के बाद तेज झटके ने जमीन को हवा में उड़ा दिया था।
हीरोशिमा में गिराए गए बम से 8 गुणा ज्यादा बड़ा आकार
यूएस ज्योलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, विस्फोट के बाद 6.3 मैग्नीट्यूड का भूकंप दर्ज किया गया जबकि, उसके कुछ मिनट बाद एक और 4.1 मैग्नीट्यूड का झटका महसूस किया गया। जापान ऐसा मानता है कि नॉर्थ कोरिया ने जिसे हाइड्रोजन बम बताया था और यह 120 किलोटन है उसके परीक्षण के बाद ऐसा हुआ। साल 1945 में परमाणु बम हीरोशिमा में गिराया गया था, इस बम का आकार उससे करीब आठ गुना ज्यादा बड़ा है। हालांकि, नॉर्थ कोरिया के लिए इस तरह के किसी बड़े हादसे को मान लेना काफी असहज होगा, खासकर वह बात जिसमें उसका परमाणु कार्यक्रम जुड़ा हुआ हो।
डोनाल्ड ट्रंप के साउथ कोरिया दौरे से पहले आयी रिपोर्ट
साउथ कोरिया के यूनिफिकेशन मंत्रालय के प्रवक्ता ली इयूजीन ने कहा- हम इस रिपोर्ट से भलीभांति परिचित हैं लेकिन हम उस बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं। यह रिपोर्ट ऐसे वक्त पर आयी है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोन उन के बीच लगातार शब्दबाण चल रहे हैं और ट्रंप पहली बार साऊथ कोरिया के दौरे पर बतौर राष्ट्रपति जा रहे हैं। दुनिया में अलग थलग पड़े इस देश ने किम के नेतृत्व में परमाणु और मिसाइल प्रौद्योगिकी के मामले में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है। किम अपने पिता और नॉर्थ कोरिया के लंबे समय तक शासक रहे किम जोंग-II साल 2011 में निधन के बाद से सत्ता में आए थे। किम के आने के बाद से छह में से चार बार परमाणु विस्फोट नॉर्थ कोरिया ने किया है और वे लगातार अमेरिका की तरफ से किसी भी धमकी के जवाब में अपने देश को सुरक्षित रखने के लिए परमाणु हमले की धमकी दे रहा है।


















