रायन स्कूल के मालिकों को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

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प्रद्युम्न मर्डर केस में रयान स्कूल मालिक रायन आगस्टाइन पिंटो, उनके पिता रायन आगस्टाइन फ्रांसिस पिंटो और माता ग्रेस पिंटो को हाईकोर्ट ने झटका दिया है। दरअसल, हाईकोर्ट ने इनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है।
जस्टिस इंदरजीत सिंह ने याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार को नॉटिस जारी कर जवाब तलब किया। वहीं जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई होगी। इससे पहले मंगलवार को तीनों की अग्रिम जमानत की याचिका पर सुनवाई करते से हाईकोर्ट के जस्टिस एबी चौधरी ने इंकार कर दिया था। उसके बाद मामला चीफ जस्टिस को रेफर किया गया।

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बता दें कि केस में रयान स्कूल के मालिक और उसके माता-पिता के खिलाफ आईपीसी की धारा-302, आर्म्स एक्ट की धारा-25, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा-75 और पोक्सो एक्ट की धारा-12 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इससे पहले इन तीनों को हाईकोर्ट से महज एक दिन की अंतरिम जमानत मिली थी, जिसकी अवधि गत शुक्रवार को खत्म हो गई।

रायन स्कूल के मालिकों का कहना है कि वे इस मामले की जांच में जांच एजेंसी को पूरा सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किया जा सकता है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उन पर जो आरोप लगाए गए हैं, वे सही नहीं हैं बल्कि यह आरोप उन पर मीडिया और राज्य सरकार के दबाव में ही लगाए हैं।

हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में प्रद्युम्न हत्याकांड मामले की जांच सीबीआई को ट्रांसफर कर दी है। अब केंद्रीय जांच एजेंसी इस मामले में दूध का दूध, पानी का पानी करेगी। चूंकि, अभी तक पूरे मामले में हुई पुलिस जांच ही सवालों के घेरे में रही है। प्रद्युम्न के परिजन शुरू से ही मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे थे, पिता वरुण ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था।

इससे पहले कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होती, हरियाणा के सीएम ने फोन पर बात कर वरुण को सीबीआई जांच का आश्वासन दे दिया था। इसके बाद सीएम ने चंद दिन पहले प्रद्युम्न के घर पहुंचकर पीड़ित परिजनों को ढ़ाढस बंधाते हुए सीबीआई जांच की घोषणा की थी। अब सरकार ने इस मामले में आवश्यक सरकारी प्रक्रिया को भी अंजाम देकर जांच सीबीआई के सुपुर्द कर दी है।

हरियाणा के गृह सचिव एसएस प्रसाद ने बताया कि सरकार ने इसके लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा है। उसमें मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल पहले ही इसकी जांच सीबीआई से करवाने की घोषणा कर चुके हैं। गृह विभाग लगातार केंद्र सरकार से संपर्क बनाए हुए है। प्रयास है कि सीबीआई जल्द से जल्द मामले की जांच शुरू करे ताकि उचित कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा सके।

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