श्रीलंका में आर्थिक संकट गहराते ही जा रहा है। इन हालत में यहाँ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। लोग राष्ट्रपति भवन से करीब आधे किलोमीटर की दूरी पर आकर हजारों की संख्या में प्रदर्शन कर रहे हैं साथ ही राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।
श्रीलंका में प्रदर्शनकारी जनता का आरोप है कि देश की बदहाली के लिए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं। श्रीलंका की प्रमुख पार्टी जेवीपी ने अगले हफ्ते तीन दिनों के लिए विशाल रैली निकालने का ऐलान किया है।
श्रीलंका इस समय खाने-पीने के सामान सहित ईंधन की कमी, बढ़ती महंगाई और बिजली कटौती की भीषण समस्या से जूझ रहा है। यह श्रीलंका की आजादी बाद का सबसे भयानक आर्थिक संकट है। कोलंबो में गाले फेस नाम की जगह पर प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में राजपक्षे सरकार पर भ्रष्टाचार और कुशासन का आरोप लगाते पिछले कई दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।


















