लखनऊ। पिछले दो वर्ष कोरोना महामारी के चलते पूरी दुनिया में कई क्षेत्रों में रुकावटें उत्पन्न हुई। जिसके चलते शिक्षकों के साथ साथ छात्र-छात्राओं को भी इस गंभीर समय में कई मुसीबतों का सामना करना पड़ा। कई छात्र छात्राओं ने अपने अभिभावकों को भी इस लड़ाई में खोया है।
इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने आज परीक्षा समिति की एक आकस्मिक बैठक में यह निर्णय लिया कि लखनऊ विश्वविद्यालय से सहयुक्त आयुर्वेदिक संकाय और यूनानी मेडिसिन संकाय के स्नातक स्तर के उन छात्र-छात्राओं को जो अपने पाठ्यक्रम की परीक्षा 4 बार में उत्तीर्ण करने में असमर्थ रहे हैं, उन्हें एक आखरी मर्सी अटेम्प्ट दिया जाएगा। पिछले कुछ वर्षों की अभूतपूर्व हालातों और छात्र-छात्राओं के भविष्य को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।


















