नई दिल्ली :फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में कोर्ट ने आरोपित उमर खालिद को जमानत देने से इनकार कर दिया। इससे पहले तीन मार्च को हुई सुनवाई में कोर्ट ने जमानत पर निर्णय सुरक्षित रख लिया था।
बताते चलें कि दिल्ली दंगे की साजिश के आरोप में जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद को यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के इस पर निर्णय सुरक्षित रख लिया था।
दूसरी तरफ उमर पर लगे आरोपों को उसका वकील निराधार बता रहे हैं। इसपर अभियोजन पक्ष का कहना है कि उमर ने खामोशी के साथ साजिश रची थी। दिल्ली हाईकोर्ट अधिवक्ता ने पिछली सुनवाई के दौरान अदालत को बताया था कि उत्तर पूर्वी दिल्ली के इलाकों में दंगों के दौरान उमर खालिद समस्तीपुर से नताशा नरवाल के लगातार संपर्क में था और उसे दिशानिर्देश दे रहा था।
इसके अलावा ये भी कहा गया है कि उमर खालिद दिल्ली प्रोटेस्ट सपोर्ट ग्रुप का सदस्य था। वह शाहीन बाग और सीलमपुर में हुई गोपनीय बैठक में शामिल हुआ। वह अन्य आरोपितों के लगातार संपर्क में था। उसके भाषण और विभिन्न गवाहों के बयानों से साजिश में उसकी भूमिका पता चलती है।


















