सफदरजंग मकबरे में दो अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर पर्यटक चरखा चला सकेंगे। साथ ही राष्ट्रपितासे जुड़ी प्रदर्शनी और लघु फिल्म का भी प्रसारण देख सकेंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) इस स्मारक में पर्यटकों के लिए 20 चरखे लगाएगा। आयोजन को इस तरह किया जा रहा है कि स्मारक में महात्मा गांधी से संबंधित जीचें दिखें। पर्यटक बापू के आदर्श को अपनाने का संकल्प लें।
एएसआइ के एक अधिकारी ने बताया कि मकबरे में महात्मा गांधी की कुछ ऐसी दुर्लभ तस्वीरों की प्रदर्शनी भी लगेगी जो उनके जीवन के घटनाक्रमों से जुड़ी होंगी। मकबरे में प्रवेश पहले की तरह टिकट से ही मिलेगा। उल्लेखनीय है कि पिछली बार दो अक्टूबर को जंतर-मंतर पर पर्यटकों के लिए चरखे उपलब्ध कराए गए थे और गांधीजी के चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई थी।
उधर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों की परिसर वापसी का चौथा चरण प्रारंभ हो चुका है। हालांकि, अभी भी शैक्षणिक सत्र 2020-21 में दाखिला लेने वाले छात्रों के परिसर प्रवेश की मनाही है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) नए छात्रों के परिसर प्रवेश को लेकर आंदोलनरत है। एबीवीपी जेनएयू इकाई अध्यक्ष शिवम चौरासिया ने बताया कि जेएनयू प्रशासन छात्रावास आवंटन, छात्रावास के मरम्मत, नए छात्रों के शैक्षणिक दस्तावेजों के सत्यापन समेत परिचय पत्र जारी करना शुरू कर दिया है।
यही नहीं विगत दो महीने से रूकी हुई फेलोशिप का भी बुधवार से भुगतान शुरू किया है। लेकिन अभी भी नए छात्रों की परिसर वापसी पर जेएनयू प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। ऐसे में प्रदर्शन जारी रहेगा। एबीवीपी इकाई मंत्री रोहित कुमार ने कहा कि गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर परिसर में ‘सत्याग्रह यात्रा’ निकाली जाएगी। इसके जरिए प्रशासन के समक्ष शांतिपूर्ण तरीके से हम अपनी बात रखेंगे।
दिल्ली सरकार ने छठ पूजा को सार्वजनिक स्थानों पर मनाने की रोक लगा दी है। दिल्ली सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि छठ पूजा किसी भी पब्लिक प्लेस, सार्वजनिक मैदान, नदियों के किनारे, मंदिर इत्यादी जगहों पर नहीं मना सकते हैं। इसके लिए बकायदा दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नोटिस जारी किया है। डीडीएमए ने छठ पूजा पर रोक काेरोना को फैलने से रोकने के लिए लगाई है। बता दें कि छठ बिहार एवं यूपी के लोगों के द्वारा मनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध पर्व है। यह चार दिनों तक चलता है, जिसमें भगवान सूर्य की पूजा की जाती है। यह ऐसा पर्व है जिसमें उगते और अस्त होते दोनों की सूर्य की पूजा की जाती है।
रामलीला को लेकर चला आ रहा संशय खत्म
वहीं दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दिल्ली में रामलीला आयोजन लंबे समय से चले आ रहे संशय को खत्म कर दिया है। डीडीएमए ने इसको लेकर आदेश जारी है इसमें रामलीला आयोजन के लिए कड़ी शर्तें रखी गई हैं। वहीं, फेस्टिवल सीजन के दौरान मेले, फूड स्टाल और झूलों की मंजूरी नहीं दी गई है। बता दें कि कोरोना को लेकर सरकार किसी तरह का कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है कि जिससे भीड़ बढ़े या फिर संक्रमण का खतरा बढ़े। इसलिए सरकार ने इस तरह के सामूहिक आयोजन पर रोक लगा रखी है।
कोरोना की संक्रमण दर 0.06 फीसद, 41 नए मामले
राजधानी दिल्ली में काेरोना के ताजा मामलों की बात करें तो यह फिलहाल नियंत्रित है। हालांकि, कोरोना की संक्रमण दर 0.05 फीसद से बढ़कर 0.06 फीसद हो गई है। इस वजह से बुधवार को 41 नए मामले आए। वहीं 22 मरीजों ने इस बीमारी काम मात दी और ठीक होकर घर चले गए। राहत की बात यह है कि पिछले 24 घंटे में कोरोना से एक भी मरीज की मौत नहीं हुई। लिहाजा इस माह अब तक 25 दिन ऐसे रहे हैं जब कोरोना से एक भी मरीज की मौत नहीं हुई। कोरोना से मृतकों की कुल संख्या 25,087 है।
राजधानी को लगातार सुंदर बनाने के लिए सिविक एजेंसियां काम कर रही हैं। इसमें सबसे अधिक भूमिका नगर निगम निभा रहा है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम लगातार दिल्ली की दीवार, फ्लाईओवर, मेट्रो स्टेशन, बस स्टैंड समेत अन्य सार्वजनिक स्थलों को सुंदर बनाने के लिए पेंटिंग बनवा रहा है। हाल में निगम द्वारा पंचकुइया मार्ग पर दीवारों पर पेंटिंग बनाई गई हैं, जिसमें स्वामी विवेकानंद, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम समेत अन्य महापुरुष शामिल हैं।
निगम के अधिकारियों का कहना है कि सुंदरीकरण के साथ-साथ युवाओं को प्रेरणा देने के लिए भी दीवारों पर पेंटिंग कराई जा रही हैं, जिसके चलते युवा आकर महापुरुषों के बारे में जान रहे हैं। महापुरुषों के अलावा साहित्यकारों की तस्वीर भी दीवार पर बनाई जा रही है, जिसमें मुंशी प्रेमचंद समेत अन्य शामिल हैं, जिनमें उनके साथ उपन्यास गोदान भी शामिल हैं। युवाओं को उपन्यास की जानकारी भी होना जरूरी है। अधिकारियों का कहना है कि साहित्यकारों के अलावा गणित के विशेषज्ञों और शिक्षकों की तस्वीर पर दीवार पर बनवाई गई हैं। इसमें श्रीनिवास रामानुज और सकुंतला देवी शामिल हैं।
जिनकी गणित की जानकारी भी उनके साथ लिखी गई हैं। आर्यभट्ट और चाणक्य जैसे महापुरुष भी दीवारों की पेंटिंग पर लोगों का आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। महापुरुषों की इन पेंटिंग को फुटपाथ से निकलने वाले अधिकतर लोग रोककर देखते हैं और उनके बारे में जानकारी भी पढ़ते हैं, जो दीवार पर ही लिखी गई है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के करोलबाग के चेयरमैन तेजराम फौर ने कहा कि सभी महापुरुषों की पेंटिंग निगम बनवा रहा है, जिससे दिल्ली के लोगों को उनके बारे में जानकारी मिल सके।


















