इस बार मौसम के जो तेवर नज़र आ रहे है उसका चक्र तीन सौ साल में एक बार आता है। इसका कारण है जलवायु परिवर्तन। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक़ अब ये परिवर्तन तीन साल में सामने आएगा जिसका असर भारत सहित पाकिस्तान में भी होगा।एक अध्ययन के आधार पर ब्रिटेन के मौसम कार्यालय की ओर
से दावा किया कि उत्तर-पश्चिमी भारत और पाकिस्तान में भीषण गर्मी की आशंका 100 गुना ज़्यादा हो गई है। साथ ही ये भी जानकारी मिली है कि दोनों देशों को अगले कुछ सप्ताह तक इस गर्मी को झेलना होगा।
दोनों देशों के साझा उच्चतम औसत तापमान का जायज़ा ले तो पता चलता है कि 1990 के बाद 2010 की भीषण गर्मी के ज्यादातर रिकॉर्ड अप्रैल-मई में टूटने के कगार पर रहे और 2010 में इन्हे सर्वाधिक दर्ज किया गया। उस समय औसत तापमान से अधिक गर्मी की आशंका 312 साल में एक बार होती थी लेकिन अब यह आशंका 3.1 साल में एक बार बढ़ गई है।


















