पणजी (आईएएनएस)। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा हरी झंडी मिलने के बाद फिल्म ‘पद्मावत’ अब रिलीज के लिए तैयार है। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि यदि पद्मावत को सीबीएफसी द्वारा सेंसर सर्टिफिकेट गया है तो गोवा सरकार को राज्य में फिल्म रिलीज करने में कोई आपत्ति नहीं है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए पर्रिकर ने कहा, ‘यदि उनके पास एक सेंसर सर्टिफिकेट हैं, तो हमें कोई आपत्ति नहीं हैं। यदि किसी तरह की कोई कानून-व्यवस्था संबंधित अड़चन आती है तो हम इसे देखेंगे।’
पर्रिकर ने यह भी बताया कि राज्य पुलिस ने सरकार से राज्य में फिल्म की रिलीज को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। गोवा पुलिस के अनुसार फिल्म रिलीज के दौरान वक्त टूरिस्ट सीज़न अपने चरम पर होगा, जिससे सुरक्षा इंतजामों में व्यस्तता अधिक रहेगी। पर्रिकर ने कहा कि पीक सीजन अब खत्म हो गया है इसलिए इस तरह की चिंताएं निर्रथक हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘पुलिस की रिपोर्ट पीक सीजन को लेकर थी जो अब खत्म हो चुका है। इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है।’ वहीं भारतीय जनता पार्टी की महिला इकाई ने राज्य में फिल्म की रिलीज का विरोध किया है।
राजस्थान में नहीं होगी रिलीज
भले ही फिल्म का नाम बदलकर ‘पद्मावत’ कर दिया गया हो। लेकिन राजस्थान सरकार इस फिल्म को लेकर कोई भी रिस्क लेने के मूड में नजर नहीं आती। राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने स्पष्ट कर दिया है कि यह फिल्म राजस्थान में रिलीज नहीं होगी। उन्होंने बताया कि इस बारे में राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार को भी पत्र लिख दिया था।
हिमाचल प्रदेश में भी फिल्म रिलीज को लेकर संशय
हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने साफ कह दिया है कि अगर फिल्म से किसी की भावनाएं आहत होती हैं, इस पर फिर से विचार किए जाने में कोई हर्ज नहीं है। साफ है कि सरकार विरोध करने वालों के पक्ष में झुकती नजर आ रही है। मीडिया से बात करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा- ‘मैं ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा। हम क्या कर सकते हैं, विचार करेंगे। फिल्म वाकई विवादित है। मैं कला का सम्मान करता हूं, लेकिन जब जनभावनाएं आहत होती हैं तो विचार तो करना ही चाहिए।’


















