रिपोर्ट व फोटो – रिशु सिंह
लखनऊ। मंगलवार को कठुआ और उन्नाव रेप व हत्याकांड को लेकर पिछले आठ दिनों से बनायी जा रही मानव शृंखला का समापन हो गया। हजरतगंज से लेकर सरदार पटेल से होते हुए विधानभवन तक बनायी जा रही मानव शृंखला को लेकर कार्यकर्ताओं व छात्रों की पुलिस से तीखीं झड़प हुई। मानव शृंखला में 40 से अधिक सामाजिक व छात्र संगठनों ने इसमें हिस्सा लिया। एडवा की अध्यक्षा मधु गर्ग ने बताया कि मानव शृंखला का यह कार्यक्रम बीते 16 अप्रैल से जारी था, जिसमें लखनऊ के घंटाघर, रिवर फ्रंट, डालीगंज, स्कूल और कॉलेज शामिल थे। मंगलवार समापन दिवस पर संगठनों ने मिलकर महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अत्याचार को लेकर पर्चे बांटे और बैनर पर हस्ताक्षर लिये। इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने महिला खासकर बच्चियों के साथ बढ़ रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज बुलंद की। मधु गर्ग ने कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों के खिलाफ आरोपी को राजनैतिक संरक्षण मिलने का विरोध किया। इस मौके पर विधानसभा तक बढ़ रही शृंखला को पुलिस की ओर से रोका गया तो पुलिस और संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखीं नोंकझोंक भी हुई। हालांकि, सरदार पटेल, जीपीओ और गांधी प्रतिमा की तरफ मानव शृंखला बनाकर विरोध जताया गया। इस मौके पर विभिनन संगठनों के रफ त फ ातिमा, ऋ षि, रेनू मिश्रा, ममता सिंह, प्रमिला वाजपेयी, प्रवीन पांडेय, सीमा राणा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता व छात्र मौजूद थे।


















