श्रीनगर| प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन ने दावा किया है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) का पीएचडी स्कॉलर मन्नान वानी उनके संगठन में शामिल हो गया है। सलाहुद्दीन ने स्थानीय मीडिया को जारी किए गए बयान में यह दावा किया है। सलाहुद्दीन ने बयान में कहा, ‘मन्नान वानी के शामिल होने से उस भारतीय दुष्प्रचार की पोल खुल गई है जिसमें यह दावा किया जाता कि कश्मीर के युवक बेरोजगारी और आर्थिक तंगी की वजह से हथियार उठाते हैं। ‘उर्दू में दिए गए बयान में सलाहुद्दीन ने वानी के हिज्बुल मुजाहिद्दीन में शामिल होने का दावा करते हुए कहा, ‘कई सालों से, शिक्षित और योग्य कश्मीरी युवा हिज्बुल मुजाहिद्दीन में शामिल हो रहे हैं ताकि इस आजादी के आंदोलन को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जा सके। युवाओं का यह जज्बा काबिल-ए-तारीफ है।’
बता दें कि पुलिस ने मंगलवार को वानी के आतंकवादी संगठन में शामिल होने की खबरों को खारिज करने या पुष्टि करने से इनकार किया था। पुलिस की ओर से कहा गया था कि सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों की जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, मन्नान वानी का अभी तक अता-पता नहीं है। खुफिया एजेंसियां वानी की तलाश में जुटी हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक मन्नान की आखिरी लोकेशन 4 जनवरी को दिल्ली में ट्रेस की गई है। मन्नान के लापता होने से उसका परिवार भी सदमे में है।
भाई मुबस्सिर ने कहा कि 3 जनवरी को मन्नान की पिता से बात हुई थी। 4 जनवरी के बाद से उसका फोन स्विच ऑफ जा रहा है। वानी के हिज्बुल में शामिल होने की अटकलों के बीच यूपी एटीएस ने दोनों कश्मीरी छात्रों की जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारियों ने बताया कि हॉस्टल में वानी के रूम से संदेहजनक सामग्री मिली है। उन्होंने बताया कि किताबें, फोटोकॉपी, पेन ड्राइव समेत कुछ ‘संदिग्ध’ दस्तावेज उसके कमरे से मिले हैं।


















