कोलकाता में एक छह महीने की बच्ची पर उसके चाचा ने कथित रूप से एसिड से हमला किया. यह घटना 3 सितंबर को कोलकाता के दक्षिण परगना जिले के सोनारपुर पुलिस थाने क्षेत्र में स्थित सुरजा सेन कालोनी की है. इस हादसे में बच्ची की बांयी आंख पूरी तरह से खराब हो गई है, जबकि दाहिनी आंख में इंफेेेेक्शन फैल चुका है.
बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टर ने बताया कि क्षतिग्रस्त आंखों को बचाना काफी मुश्किल है. इसके अलाव पीडि़ता के मस्तिष्क में संक्रमण फैलने का भी डर है, जिससे उसकी जान को खतरा हो सकता है.
कोलकाता नेशनल मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल (सीएनएमसी) के सहायक अधीक्षक डॉ. बिमलेेंदु साहा ने बताया,” मैंने कई तरह के केस देखे हैं. लेकिन इस तरह की क्रूरता का सामना कभी नहीं किया. उसकी एक आंख की रोशनी पूरी तरह जा चुकी हैै. हम दूसरी आंख को गंभीर संक्रमण से बचाने की कोशिश कर रहे हैं. हम बाल चिकित्सक, सर्जरी और प्लास्टिक सर्जन के विशेषज्ञों से सहायता मांग रहे हैं. ”
ऐसा माना जा रहा है कि इस मासूम बच्ची पर हमला परिवार में चल रहे विवाद के कारण किया गया था. इस घटना की जानकारी सोमवार को सामने आई जब पीड़िता की मां ने उसे कोलकाता के सीएनएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया.
पीडि़ता के पिता ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. पीड़िता के पिता जयंत चक्रवर्ती ने आरोप लगाया था कि उसकी अनुपस्थिति में उसका भाई बिपलाब उसकी पत्नी के कमरे में यौन उत्पीड़न के इरादे से घुसा था. लेकिन जब उसे कामयाबी नहीं मिली तो उसने उसकी पत्नी की पीठ पर एसिड फेंका. जब मां दर्द से चिल्ला रही थी, तब उसने सीरिंज में एसिड भरकर बच्ची की आंखों में डाल दिया.
जयंता ने आरोप लगाया कि उसके भाई ने उसकी पत्नी और बेटी पर आक्रमण किया क्योंकि उसने एक महिला से परिवार की इच्छाओं के विरुद्ध विवाह किया है. वह पुरोहित का काम करता है और अलग रहता है.
जयंता ने अपने भाई और मां सहित 7 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.
पीडि़ता को पहले कोलकाता के एसएसकेएम मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां बच्ची का इलाज किए बिना उसे राज्य के नेत्र रोग विज्ञान केंद्र में भेज दिया गया. लेकिन स्थानीय क्लब के सदस्यों के विरोध करने के बाद पीडि़ता को वापस से सीएनएमसी में भर्ती कराया गया.


















