नई दिल्ली : आठ साल पहले विनोद कांबली ने सचिन तेंदुलकर के साथ अपनी दोस्ती को यह कहकर खत्म कर दिया था कि उनके खराब दौर में सचिन ने उनकी कोई मदद नहीं की. सचिन इस कमेंट से बेहद आहत हुए थे. यही वजह थी कि सचिन ने 2013 में अपनी फेयरवेल स्पीच में भी कांबली का कोई जिक्र नहीं किया था, लेकिन एक बार फिर से बचपन के ये दोनों क्रिकेट दोस्त सारा भेदभाव मिटा कर साथ आ गए हैं
हाल में हुए एक किताब के विमोचन के इवेंट में कांबली ने बताया कि जी हां, हम दोनों के बीच सारे भतभेद खत्म हो गए हैं और सब कुछ ठीक है. मुझे खुशी है कि हम दोनों दोबारा करीब आ गए हैं. हम दोनों ने एक दूसरे को हग किया. हम लोगों से कहना चाहते हैं, हम वापस दोस्ती के ट्रैक पर हैं.
बता दें कि 2009 में भी कांबली ने कहा था, हां हम एक दूसरे के बेहद करीब हैं…बेहद करीब थे. सचिन ने मेरे लिए जितना किया वे उससे कहीं ज्यादा कर सकते थे. तेंदुलकर कांबली की इस टिप्पणी से काफी आहत हुए थे.
इससे पहले 27 मई 2017 को विनोद कांबली ने एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने अपनी और सचिन की तस्वीर शेयर की थी. इस ट्वीट में उन्होंने लिखा था- Dear Master Blaster.I Love You. बता दें कि इसी वक्त सचिन की डॉक्यू-ड्रामा फिल्म ‘सचिन अ बिलियन ड्रीम्स’ भी रिलीज हुई थी. उनकी इस फिल्म में भी कांबली का कहीं कोई जिक्र नहीं है. इसके बाद 2013 में वानखेड़े पर 200वें टेस्ट के बाद अपनी फेयरवेल में दी गई स्पीज में भी उन्होंने अपने इस बचपन के दोस्त का कोई जिक्र नहीं किया. दोनों के बीच की यह बर्फ कैसे पिघली इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है, लेकिन 45 वर्षीय कांबली ने स्पष्ट तौर पर कहा, हम दोनों आपसी सहमति से फिर से एक हो गए हैं. रविवार को सचिन और कांबली एक क्रिकेट पर आधारित किताब-डेमोक्रेसी’स इलेवनः दिन ग्रेट इंडियन क्रिकेट स्टोरी- के विमोचन पर एक साथ एक मंच पर दिखाई दिए. गौरतलब है कि बता दें कि शुरुआती दिनों में सचिन और कांबली की जोड़ी सुर्खियों में रही. कई पूर्व क्रिकेटर्स ने कांबली को सचिन के मुकाबले ज्यादा प्रतिभाशाली माना था. आखिरकार सचिन ने विश्व क्रिकेट में अपना अलग स्थान बना लिया. सचिन 24 साल तक क्रिकेट खेले, जबकि शुरुआती सफलता के बाद कांबली नहीं चमके. ‘सच का सामना’ नाम के रिएलिटी शो में आठ साल पहले विनोद ने कहा था कि सचिन ने उनके लिए कभी उतना नहीं किया, जितना वह कर सकते थे. खुद को बर्बाद कर देने वाले रवैये से सचिन बचा सकते थे. जवाब में उन्होंने हां कहा था कि, अगर उन्हें उसे वक्त कोई प्रेरणा देने वाला होता, तो करियर और लंबा जाता. वहीं, एक इंटरव्यू में कांबली के बारे में पूछे जाने पर सचिन ने उनके बारे में जवाब देने से इंकार कर दिया था. उन्होंने कहा था कि मैं उसके टैलेंट के बारे में बात नहीं करना चाहता. इस घटना के बाद ही दोनों के रिश्तों में खटास आ गई थी.
सचिन-कांबली ने की थी रिकॉर्ड साझेदारी
बता दें कि 23 फरवरी, 1988 को संत जेवियर्स स्कूल के खिलाफ शारदाश्रम विद्यामंदिर स्कूल की तरफ से खेलते हुए सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली ने 664* रनों की वर्ल्ड रिकॉर्ड साझेदारी की थी.


















