नई दिल्ली। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के बाद अब दिल्ली के बवाना में शनिवार को लगी भीषण आग ने 17 लोगों की जिंदगी लील ली है। इससे पहले 29 दिसंबर 2017 को मुंबई के पब में लगी आग में 14 लोगों की जलकर मौत हो गई थी, जबकि 55 लोग झुलस गए थे। जानकारी सामने आ रही है कि दिल्ली के बवाना में चल रही इस फैक्ट्री का लाइसेंस ही नहीं लिया गया था। बता दें कि दिल्ली सरकार के श्रम विभाग का फैक्ट्री निदेशालय फैक्ट्रियों को लाइसेंस जारी करता रहा है। औद्योगिक विभाग के फैक्ट्री एक्ट कार्यालय से भी उद्योगों को मंजूरी लेनी होती है।
वहीं, भीषण अग्निकांड के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री मालिक मनोज को गिरफ्तार कर लिया है। मनोज जैन ने पूछताछ में बताया है कि यह फैक्ट्री एक जनवरी से किराए पर ली थी और वह बड़े पैमाने पर होली और स्टेज शो के लिए बड़े पैमाने पर पटाखों की पैकिंग करवा रहा था।
इससे पहले हादसे में अफसोस जताते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये, जबकि घायलों को 1-1 लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया है। उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर घटना पर दुख जताया है। विभिन्न अस्पतालों में भर्ती घायलों को देखने के लिए रविवार सुबह दिल्ली के उपराज्यपाल पहुंचे। उन्होंने कहा कि मामले की जांच प्रधान सचिव (गृह) करेंगे।


















