चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने की इमरान खान से मुलाकात, बताया- सदाबहार दोस्त

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बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बुधवार (9 अक्टूबर) को पेइचिंग में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ मुलाकात की। शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और पाकिस्तान सभी मौसमों के अनुरूप रणनीतिक साझेदार हैं। उन्होंने कहा कि चाहे अंतरार्ष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्थिति में कोई भी बदलाव आए, चीन-पाकिस्तान की मित्रता हमेशा मजबूत बनी रहेगी।

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शी जिनपिंग ने कहा कि “चीन हमेशा पाकिस्तान को कूटनीति में प्राथमिकता देता है। पाकिस्तान के मूल हित और चिंता वाले मुद्दों पर चीन दृढ़ता से पाकिस्तान का समर्थन करता रहेगा। चीन पाकिस्तान के साथ रणनीतिक और व्यवहारिक सहयोग मजबूत करना चाहता है, ताकि नए युग में और घनिष्ठ चीन-पाकिस्तान साझे भविष्य का निमार्ण किया जा सके।”

चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि “इस साल नए चीन की स्थापना की 7०वीं वर्षगांठ है। हमने सिलसिलेवार भव्य समारोह का आयोजन किया। करीब 1.4 अरब चीनी लोगों की देशभक्तिपूर्ण भावना बढ़ी है। इससे चीनी विशेषता वाले सामाजिक रास्ते पर बढ़ने और दुनिया में खड़ा होने का अपना विश्वास और संकल्प मजबूत किया गया।”

उन्होंने कहा, “पाकिस्तान ने कठिन समय में चीन को निस्वार्थ सहायता दी। अब चीन विकसित हो रहा है। हम सच्चे दिल से पाकिस्तान की मदद करना चाहते हैं। हमारे दोनों पक्षों को उच्चस्तरीय आदान-प्रदान और रणनीतिक संपर्क घनिष्ठ बनाना चाहिए और समय पर महत्वपूर्ण मुद्दों पर रुखों में ताल-मेल करना चाहिए।”

इमरान खान ने चीन लोक गणराज्य की स्थापना की 7०वीं वर्षगांठ पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि “पाकिस्तान चीन के दृढ़ समर्थन और निस्वार्थ सहायता को धन्यवाद देता है। तथ्य से जाहिर है कि चीन पाकिस्तान का सभी मौसमों के अनुरूप रणनीतिक साझेदार है। पाकिस्तान लगातार चीन के साथ आदान-प्रदान, संपर्क और सहयोग मजबूत करना चाहता है और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के निमार्ण को बढ़ाता रहेगा।”

इमरान खान ने कश्मीर पर पाकिस्तान का रुख बताया और स्थिति बिगड़ने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान चीन के निष्पक्ष रुख को महत्व देता है और उसकी प्रशंसा करता है।

जिनपिंग ने कहा कि “चीन कश्मीर की स्थिति पर ध्यान देता है। संबंधित घटना का सही और गलत स्पष्ट है। चीन पाकिस्तान द्वारा अपने वैध हितों की सुरक्षा करने का समर्थन करता है। आशा है कि संबंधित पक्ष शांतिपूर्ण वार्ता के जरिए विवाद का समाधान करेंगे।”

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