रोड शो और रैलियों के बिना होगा चुनाव, मोर्चे पर भगवा, सपा और बसपा कितनी तैयार

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यूपी के विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजने के साथ ही राजनैतिक दलों ने मोर्चेबंदी तेज कर दी है। भाजपा बीते करीब तीन महीने से मिशन मोड में चुनावी तैयारी में जुटी थी। सरकार और संगठन दोनों मोर्चों पर यह तैयारी की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां केंद्र और राज्य की विकास योजनाओं के उद्घाटन-शिलान्यास कार्यक्रमों के जरिए पूरे प्रदेश को मथ चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हर जिले का दौरा कर चुके हैं। संगठन स्तर पर तो पार्टी और भी पहले से इस मुहिम में जुटी है।

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पार्टी बीते तीन महीने में पीएम मोदी, सीएम योगी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सहित कई अन्य नेताओं के लगभग 150 कार्यक्रम पूरे प्रदेश में कर चुकी है। डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की मुहिम इस दौरान जोर-शोर से चलाई गई है। संगठन स्तर पर पार्टी छह जन विश्वास यात्राओं के जरिए प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में माहौल बना चुकी है। बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन भी हो चुके हैं। पन्ना प्रमुखों और उनकी टोलियों की बहाली भी पार्टी कर चुकी है। हर विधानसभा क्षेत्र में विस्तारकों की फौज भी भाजपा कई महीने पहले ही उतार चुकी है।

चुनाव में चुनौती देने के लिए तैयार सपा
उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी सत्तारुढ़ भाजपा को चुनौती देने में आगे दिख रहा है। भाजपा के निशाने पर सबसे ज्यादा यही पार्टी है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बड़े दलों मसलन कांग्रेस व बसपा से गठबंधन से परहेज किया है और तमाम छोटे छोटे दलों को साथ लेकर गठबंधन बनाया है। इसमें विभिन्न जाति के समीकरणों को कोशिश की जा रही है। यही नहीं साल भर से ज्यादा वक्त से सपा में दूसरे दलों को छोड़ कर आने वालो का सिलसिला चल रहा है।

बसपा व भाजपा के कई विधायक सपा में शामिल हो चुके हैं। बसपा के कई कद्दावर नेता भी साइकिल की सवारी कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने अब तक दस चरण की विजय रथयात्रा निकाल चुके हैं और बुंदेलखंड, मध्ययूपी व पूर्वांचल के कई जिलों का दौरा कर चुके हैं। पश्चिमी यूपी को जीतने के लिए उन्होंने रालोद के साथ गठबंधन किया है। इन दोनों दलों की अलीगढ़ व मेरठ में संयुक्त रैलियां हो चुकी हैं। सपा अपने बूथमैनेजमेंट पर भी खासा जोर दे रही है। यही नहीं उसने सोशल मीडिया पर भी प्रचार तेज कर दिया है। भाजपा के अभियान फर्क साफ है और 2017 से पहले जैसे अभियान का भी आक्रामक जवाब दिया है।

बसपा ने बूथ स्तर पर खड़ी की टीम
बसपा सुप्रीमो मायावती ने विधानसभा चुनाव के लिए बूथ स्तर पर टीमें खड़ी कर ली हैं। इस टीम में सभी जातियों को जोड़ा गया है। बसपा वर्ष 2007 की तर्ज पर इस बार चुनावी मैदान में उतर रही है। बसपा ने अधिकतर सीटों के लिए उम्मीदवार तय कर लिए हैं। इस बार सर्वाधिक सीटें ब्राह्मण और मुस्लिमों को दी जा रही हैं। यह संख्या करीब 100 से 90 के आसपास बताई जा रही है। इसके बाद अन्य जातियों को टिकट दिया जाएगा। मायावती के निर्देश पर मुख्य सेक्टर प्रभारियों और जिला सेक्टर प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में कैंप कर रहे हैं। छोटी-छोटी सभाएं की जा रही हैं। मायावती ने इस बार चुनाव जीतने के लिए फार्मूला बदला और जातिवार सम्मेलनों का दौर चलाया। ब्राह्मण, महिला व युवाओं को जोड़ने की योजनाओं पर काम चल रहा हैं।

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