तुर्की वार्ता से रूस-यूक्रेन जंग में नरमी की उम्मीदें

0
128

तुर्की में रूस और यूक्रेन के वार्ताकारों के बीच मंगलवार को बातचीत का दौर हुआ। यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि उसने एक रूपरेखा प्रस्तुत की है जिसके तहत देश अपने आप को निष्पक्ष घोषित करेगा और अन्य देश उसकी सुरक्षा गारंटी देंगे। रूस के उप रक्षा मंत्री अलेक्जेंडर फोमिन ने वार्ता में कहा कि रूसी सुरक्षा बल कीव और चेर्नीहीव की दिशा में सैन्य गतिविधियों में कटौती करेंगे।

ADVT

रूस के इस बयान से तुर्की में होने वाली बातचीत को सकारात्मक माना जा रहा है। रूस द्वारा 24 फरवरी को यूक्रेन पर शुरू किए गए हमले के बाद से अभी ताकि की सभी वार्ताएं विफल रही थीं।

रूस ने कहा है कि अब उसका मकसद पूर्वी यूक्रेन के डोनबास प्रांत को अपने कब्ज़े में लेना है। मंगलवार को तुर्की में होने वाली इस बातचीत से रूस की और से नरमी के संकेत मिले हैं। दूसरी तरफ रूसी सुरक्षा बलों ने पश्चिमी यूक्रेन स्थित एक तेल डिपो को और दक्षिण में एक सरकारी इमारत को निशाना बनाया है।


तुर्की में हो रही बैठक के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति के एक सलाहकार ने कहा कि युद्धविराम पर सहमति के साथ ही यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इससे पहले भी दोनों देशों के वार्ताकारों ने बातचीत में इन मुद्दों पर जोर दिया था मगर उन्हें सफलता नहीं मिली।


यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का कहना है कि मॉस्को की मांग के मुताबिक़ उनका देश अपनी तटस्थ स्थिति की घोषणा करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि वह डोनबास प्रांत को लेकर भी समझौते पर विचार करने को तैयार हैं। हालांकि जेलेंस्की ये भी बता रहे हैं कि वार्ताकारों के बातचीत के लिए जमावड़े के बावजूद रूसी हमले जारी हैं।

ऐसे में तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने दोनों पक्षों को लड़ाई रोकने के लिए ऐतिहासिक जिम्मेदार माना है। एक वीडियो सन्देश में जेलेंस्की ने कहा है कि अब हमें लड़ना होगा, सहन करना होगा उन्होंने अपने बयान में इस युद्ध को देश, जनता और और बच्चों के खिलाफ बताया।

संतुष्ट नहीं अमरीका

इस सम्बन्ध में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ज़्यादा संतोष नज़र नहीं आये उनका कहना है कि जब तक वह देख नहीं लेंगे कि उनके कदम क्या हैं, तब तक इसके मायने नहीं निकाल सकते। इस बारे में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भी कहा कि उन्हें कुछ भी ऐसा दिखाई नहीं देता, जिससे महसूस हो कि वार्ता रचनात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है। रूसी सैन्य बलों को पीछे हटाने के संकेत को उन्होंने मॉस्को द्वारा लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास बताया है। ब्लिंकन भी यही मानते हैं कि रूस के कहने और करने में फ़र्क़ है। दूसरे हिस्से पर दुनिया का ध्यान केंद्रित करने के साथ रूस यूक्रेन में लगातार तबाही जारी रखे है।

इस बीच तुर्की के विदेश मंत्री वार्ता को सार्थक बता रहे हैं। जबकि इसी वार्ता के समय रूसी सेना ने दक्षिणी बंदरगाह शहर माइकोलेव में सरकारी प्रशासन की नौ मंजिला इमारत में धमाका किया। इस धमाके में 12 लोगों की मौत की खबर है। दूसरी ओर यूक्रेन की सेना ने कहा कि उसने कीव और चेर्नीहीव के करीब कुछ रूसी सैन्य बलों को वापसी करते देखा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here