देश की राजधानी में एक बार फिर रोंगते खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। दिल्ली के पूसा इलाके में गुरुवार शाम एक घर से वैज्ञानिक का शव मिला। इस शव के साथ उसके भाई-बहन पिछले सात दिन से रह रहे थे लेकिन इसकी खबर किसी को भी नहीं लगी।
मामला तब सामने आया जब शुक्रवार को न्यूक्लियर साइंस डिपार्टमेंट के कुछ स्टॉफ के सदस्य वैज्ञानिक से मिलने गए,लेकिन वैज्ञानिक की बहन ने उनको घर में घुसने नहीं दिया। संदेह होने पर कर्मचारियों ने जब पुलिस को बुलाया तो कमरे के एक बेड पर वैज्ञानिक का सड़ा हुआ शव देख हर कोई विचलित हो गया।
जानकारी के अनुसार यशवीर सूद न्यूक्लियर साइंस डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल साइंटिस्ट के पद पर थे और साल 2015 में ही रिटायर हुए थे। उनके साथ भाई हरीश और बहन कमला भी रहते थे। दोनों ही मानसिक रूप से कमजोर बताए जा हैं। बताया जाता है कि जब से यश्वीर सूद रिटायर हुए हैं उन्होंने अपनी ग्रैचुटी और पेंशन के पैसे निकाले ही नहीं।
इसी संबंध में उनसे बात करने के लिए कुछ कर्मचारी गुरुवार की सुबह उनके घर पहुंचे। घर का दरवाजा कमला ने खोला। कर्मचारियों ने जब कमला से वैज्ञानिक यशवीर से मिलने की बात कही तो उसने सभी कर्मचारियों को वहां से चिल्लाते हुए वहां से भगा दिया। कमला का यह बर्ताव कर्मचारी समझें नहीं और उन्हें घर से समझ में नहीं आया।
घर के अंदर से काफी बदबू भी आ रही थी और कमला काफी परेशान दिख रही थी। इसके बाद कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही जब पुलिस वहां पहुंची तो उन्होंने घर के अदंर की तलाश लेनी शुरू की।
बताया जाता है तलाशी के दौरान एक कमरा बंद मिला। जब उसे खोला गया तो वहां एक बिस्तर पर वैज्ञानिक यशवीर सूद की लाश पड़ी थी। पुलिस ने जांच में पाया की वैज्ञानिक का शव सात दिन पुराना था, जो काफी सड़ चुका था।
भाई-बहन इबहास हॉस्पिटल में भर्ती
अगर कर्मचारी वैज्ञानिक के घर न आते तो किसी को इस मौत की खबर तक नहीं लगती। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि वैज्ञानिक का परिवार किसी से भी बात नहीं करता था। क्योंकि यशवीर सूद के भाई-बहन मानसिक रूप से विक्षिप्त थे इसलिए ज्यादातर वह घर के अंदर ही रहते थे। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और यशवीर के भाई और बहन को इबहास हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।


















