संजय लीला भंसाली ने ‘पद्मावत’ पर हो रहे विवाद के बीच श्रीराजपूत करणी सेना समेत विभिन्न राजपूत संगठनों को फिल्म दिखाने का निमंत्रण भेजा है। श्रीराजपूत करणी सेना ने इसे नाटक करार दिया है।
राजधानी जयपुर में एक प्रेस कांफ्रेंस में श्रीराजपूत करणी सेना के संरक्षक लोकेंद्र सिंह कालवी ने यह जानकारी दी। कालवी ने बताया कि फिल्म रिलीज होने की तारीख तय होने के बाद ‘पद्मावत’ फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली की ओर से राजपूत करणी सेना और अन्य राजपूत संगठनों को पत्र मिला है, जिसमें उन्होंने फिल्म देखने का न्यौता दिया है।
करणी सेना ने भंसाली पर लगाई ये शर्तें
करणी सेना ने पत्र भेजने को संजय लीला भंसाली का नाटक बताया। कालवी ने कहा कि यह लैटर आग लगाने लायक है जिसे आज ही आज के हवाले कर देंगे।
हमने खुद फिल्म देखने के लिए कभी नहीं कहा। हमने नौ इतिहासकारों को फिल्म दिखाने के लिए कहा था, जिनमें से तीन को ही दिखाई गई। इन इतिहासकारों की राय को भी नहीं माना। उन्होंने कहा कि बचे छह को भी फिल्म दिखाएं जो अपने क्षेत्र के प्रमुख है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भंसाली ने तीन इतिहासकारों को दिखाकर बिना फिल्म में बदलाव कर फिल्म लगाने की तैयारी कर ली जो उनकी बेइज्जती है। उन्होंने कहा कि पूर्ण प्रतिबंध ही संगठन की एकमात्र मांग है।


















