चंडीगढ़: ‘यूपी के भैया’ मामले में घिरे पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने स्पष्टीकरण दिया है कि उनकी टिप्पणी को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। चन्नी ने पंजाब राज्य के विकास में प्रवासियों के योगदान के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने पंजाब में विभिन्न क्षेत्रों में प्रवासियों के योगदान को स्वीकार किया।
चन्नी ने कहा कि उनकी टिप्पणी का इशारा अरविंद केजरीवाल, दुर्गेश पाठक और संजय सिंह जैसे आप नेताओं की ओर था, जिन पर आरोप लगाया था कि वे राज्य में बाहर से अशांति पैदा करने आते हैं।
इस टिपण्णी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं के हमले के बाद चन्नी ने ट्वीट किया। पीएम मोदी ने बृहस्पतिवार को पंजाब के अबोहर और उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में अपनी चुनावी रैली में चन्नी की टिप्पणी का ज़िक्र किया।
पटना में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी चन्नी पर निशाना साधा। कुमार ने कहा- ‘यह सब बकवास है। मैं चकित हूं कि लोग ऐसी चीजें कैसे कह सकते हैं। क्या उन्हें (चन्नी) यह पता नहीं है कि बिहार के कितने लोग वहां (पंजाब में) रहते हैं और उन्होंने उस क्षेत्र की कितनी सेवा की है।’
चन्नी ने मंगलवार को कांग्रेस के एक रोडशो के दौरान लोगों से उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली के ‘भैया’ को पंजाब में नहीं घुसने देने की अपील करके एक विवाद छेड़ दिया। उनकी यह टिप्पणी संभवत: आम आदमी पार्टी के नेताओं पर लक्षित थी लेकिन “भैया” को उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रवासियों के लिए अपमानजनक शब्द माना जाता है जो पंजाब में काम करते हैं।
पंजाब के मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘कल से मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। प्रवासी अपनी मेहनत से पंजाब को विकास के पथ पर ले गए हैं। उन्होंने हमेशा विकास में योगदान दिया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनके लिए हमारा प्यार हमारे दिल में है और इसे कोई नहीं निकाल सकता।’’
उन्होंने कहा- ‘प्रवासी हमें प्रिय हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और अन्य जगहों से जो लोग काम के लिए पंजाब आते हैं, उनके लिए पंजाब जितना हमारा है उतना ही उनका है। इसलिए इसे गलत तरीके से दिखाना सही नहीं है।’
इससे पहले “भैया” टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी रैली में कहा, ‘‘कांग्रेस हमेशा एक क्षेत्र के लोगों को अपने लाभ के लिए दूसरे क्षेत्र से लड़ने के लिए प्रेरित करती है.’’


















