होटल कृष्णा के कर्मचारियों से की गयी पूंछताछ, जांच में पुलिस की पिटाई से मौत की बात आई सामने
लखनऊ। मनीष गुप्ता की मौत की जांच करने कानपुर एसआईटी की टीम आज गोरखपुर पहुंच गई है। गोरखपुर में रामगढ़ताल थाने के पास स्थित होटल कृष्णा पैलेस में शाम को पहुंची एसआईटी टीम ने जांच-पड़ताल की जहां पुलिस की पिटाई से मनीष गुप्ता की मौत की बात सामने आई है। बड़ी संख्या में पुलिस फ ोर्स के साथ पहुंची एआईटी टीम ने सबसे पहले होटल से ही घटना से संबंधित साक्ष्य जुटाने में लगी है।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर आनंद कुमार तिवारी के नेतृत्व में करीब 15 सदस्यीय टीम आई है। उनके साथ फ ोरेंसिक टीम भी है। टीम में मुख्य रूप से डीसीपी साउथ रवीना त्यागी। एडिशनल डीसीपी वेस्ट बृजेश कुमार श्रीवास्तव इस हत्याकांड के मुख्य विवेचना अधिकारी हैं। इसके अलावा इंस्पेक्टर रैंक के दो पुलिस अधिकारी भी इस मामले के सह विवेचक हैं। फि लहाल एसआईटी तारामंडल रोड स्थित होटल कृष्णा पैलेस पर जांच पड़ताल कर रही है। टीम के साथ गोरखपुर से सीओ कैंट, रामगढ़ताल पुलिस और एडिशनल एसपी को भी बुलाया गया है।
ऑडियो से खुली पुलिस की पोल
प्रापर्टी डीलस मनीष गुप्ता के एक ऑडियो ने पुलिस द्वारा रची गयी साजिश की पोल खोल दी है। पुलिस ने यह बताया था कि हड़बड़ी में गिर जाने से मनीष के सिर में चोट लग गई। जिस वजह से उसकी मौत हुई जबकि ऑडियो सुनने से लग रहा है कि मनीष हड़बड़ी में नहीं है और वह पुलिस वालों से घिरा है और बेगुनाह होने का सबूत देने का आग्रह करता दिख रहा है। बातचीत के दौरान पुलिस वाले उसे चुप रहने को कह रहे हैं। यह ऑडियो बता रहा है कि मनीष कतई हड़बड़ी में नही हैं।
मनीष के परिवारीजन से गोरखपुर के डीएम और एसएसपी की बातचीत का एक वीडियो वायरल है। मेडिकल कालेज चौकी के अंदर हो रही बातचीत की चोरी से वीडियो बनाई गई है। जिसमें डीएम और एसएसपी के अलावा मनीष की बड़ी बहन और बहनोई की आवाज सामने आ रही है। वायरल वीडियों के मुताबिक डीएम जहां कोर्ट कचहरी के चक्कर में न पडऩे की सलाह दे रहे हैं वहीं एसएसपी कह रहे हैं उन्हें नौकरी नहीं मिलेगी। मनीष के बहनोई न्याय की मांग कर रहे हैं तो बहन जान के बदले जान मांग रही हैं।


















