आज का दिन विश्व गौरैया दिवस के रूप में मनाया जाता है। हर साल 20 मार्च को परिंदों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्व गौरैया दिवस के रूप में मनाया जाता है। गौरैया की जनसंख्या में होने वालीकमी के कारण ये दिन अस्तित्व में आया। पहला विश्व गौरैया दिवस 2010 में दुनिया के कई हिस्सों में मनाया गया।
वातावरण में बढ़ती नेटवर्क तरंगों, कीटनाशकों का बढ़ता उपयोग, इमारतों की कारीगरी में बदलाव और घरों से गायब बगीचों के कारण पिछले कुछ वर्षों में गौरैयों की संख्या में तेजी से गिरावट आई है। रेडिएशन के कारण बड़ी संख्या में इनका पलायन और मामले सामने आये।
विश्व गौरैया दिवस पर कई बड़े संस्थानों और शख्सियतों ने सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता फैलाने का प्रयास किया है। पिछले कई वर्षों के परिणाम स्वरुप इस क्षेत्र में कामयाबी मिली है और ख़त्म होती गौरैया का अस्तित्व बचा रह सका है।


















