श्रीलंका में महिंदा राजपक्षे की सरकार के सभी कैबिनेट मंत्रियों ने रविवार रात सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। ये इस्तीफा वहां चल रहे आर्थिक संकट के चलते दिया गया लेकिन इस सामूहिक त्यागपत्र का कोई कारण इन लोगों ने नहीं बताया है।
इस बीच सभी मंत्रियों और सरकार के खिलाफ लोगों का गुस्सा चरम पर है। गुस्से के बीच नई कैबिनेट के गठन का रास्ता साफ होता नज़र आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक़ प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे इस्तीफा नहीं देंगे और नई कैबिनेट का गठन जल्द ही करेंगे।
अपनी आजादी के बाद से श्रीलंका अबतक के सबसे बुरे संकट के दौर से गुजर रहा है। देश इस समय गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। यहाँ बड़ी संख्या में प्रदर्शन हो रहे हैं। आम जनता और छात्र प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को हटाने के लिए नारेबाजी कर रहे हैं।
इस उथल पुथल के बीच नए प्रधानमंत्री के रूप में दिनेश गुणवर्धना के नाम का प्रस्ताव किया गया था, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मुख्य विपक्षी दल एसजेबी की ओर से तुलसी राजपक्षे की जगह हर्ष डी सिल्वा को नए वित्तमंत्री के रूप में प्रस्तावित किया गया है।


















