यतीमखाना प्रकरण के दो मामलों में सपा सांसद आजम खां को कोर्ट में झटका लगा है। अदालत ने उनके अधिवक्ता की ओर से लगाए गए डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। ऐसे में उन पर आरोप तय करने का रास्ता साफ हो गया है। इस मामले में नौ मार्च को सभी आरोपियों को तलब किया गया है। दूसरी ओर डुंगरपुर में मकान खाली कराने के नाम पर हुई मारपीट व लूटपाट के मामले में आरोप तय करने के मामले में बचाव पक्ष की ओर से फिर से आपत्ति दाखिल हुई है। इन मामलों में सुनवाई अब 11 मार्च को होगी।
सपा सांसद आजम खां सहित पूर्व सीओ सिटी आले हसन तथा अन्य सपाइयों के खिलाफ कोतवाली थाने में चार अलग अलग मुकदमें दर्ज कराए गए थे। इन मुकदमों में आरोप है कि बस्ती खाली कराने के नाम पर लूटपाट करने और मारपीट की गई। पुलिस की ओर से इन मुकदमों में पूर्व में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। यह मामले में एमपी एमएलए कोर्ट में विचाराधीन है। इस मुकदमें में अब सभी पर आरोप तय होने हैं। इससे पहले सपा सांसद के अधिवक्ताओं की ओर से आरोपों पर आपत्ति दाखिल की थी,जिस पर अभियोजन की ओर से आपत्ति दाखिल की थी। इस मामले में अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के बीच बहस पूरी हो गई।
अदालत ने यतीमखाना प्रकरण के दो मामलों में आपत्ति खारिज कर दी है और सभी आरोपियों को नौ मार्च को तलब किया है। आरोपियों की मौजूदगी में ही आरोप तय होंगे। दूसरी ओर डुंगरपुर मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की ओर से पूर्व में दाखिल आपत्ति पर दूसरी आपत्ति दाखिल की गई, जिस पर 11 मार्च को सुनवाई होगी। डुंगरपुर प्रकरण के एक और मामले में आपत्ति दाखिल की गई,जिस पर 14 मार्च को सुनवाई होगी।


















