नई दिल्ली: आज केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद तक का सफर हरित हाइड्रोजन से चलने वाली कार ‘मिराई’ से किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा इस अवसर पर प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने की बात दोहराते हुए तेल के मामले में भी आत्मनिर्भर होने की बात कही।
इस कार का नाम ‘मिराई’ है और इसका अर्थ होता है भविष्य। यह गाड़ी जल्दी ही भारत में एक बड़ी क्रांति के रूप में आएगी। नितिन गडकरी ने इस कार को पायलट प्रोजेक्ट बताया। उन्होंने कहा कि अब देश में ग्रीन हाइड्रोजन का निर्माण शुरू होगा, आयात पर अंकुश लगेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
भारतीय सड़कों और जलवायु परिस्थितियों के लिए टोयोटा किर्लोस्कर मोटर प्राइवेट लिमिटेड और इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आईसीएटी) द्वारा हाइड्रोजन पर चलने वाली दुनिया की सबसे उन्नत एफसीईवी टोयोटा मिराई का अध्ययन और मूल्यांकन हेतु पायलट प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि भारत सरकार ने 3000 करोड़ रुपये का मिशन शुरू किया है और जल्द ही भारत हाइड्रोजन का निर्यात करने वाला देश बन जाएगा। इस पहल के साथ जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करके स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जायेगा। इस क्षेत्र में 2047 तक भारत को ‘ऊर्जा आत्मनिर्भर’ बनाये जाने का सपना पूरा होने की उम्मीद है।


















