गुजरात विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है. चुनाव आयोग ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर गुजरात चुनाव की तारीखों का ऐलान किया. प्रेस कान्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति ने कहा कि गुजरात की 182 सीटों पर कुल 4.30 करोड़ वोटर हैं. चुनावों के लिए 50,128 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं. उन्होंने कहा कि गुजराती भाषा में भी वोटिंग गाइड दी जाएगी. चुनावों में VVPAT का इस्तेमाल होगा. हिमाचल प्रदेश चुनावों की तारीख का ऐलान करने के बाद लगातार विपक्ष चुनाव आयोग पर गुजरात की तारीखों का ऐलान ना करने के लिए निशाना साध रहा था. आपको बता दें कि 18 दिसंबर को हिमाचल चुनाव की मतगणना होगी.
सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस
गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान ना होने से नाराज कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट चली गई है. कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी सरकार जानबूझकर तारीखों के ऐलान में देरी कर रही है, ताकि लोकलुभावन घोषणाओं के लिए मौका मिल सके.
बाढ़ राहत कार्यों की वजह से देरी
मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति ने कहा था कि बाढ़ से प्रभावित गुजरात में राहत कार्य जारी है और ऐसे में काफी संख्या में सरकारी बल इस कार्य में लगा हुआ है. राज्य सरकार के 26443 कर्मचारियों को चुनाव की ड्यूटी में लगाया जाना है. जो स्टाफ अभी राहत कार्य में लगा हुआ है, उसी स्टाफ को चुनाव की ड्यूटी में भी लगाया जाएगा क्योंकि चुनाव आयोग स्टाफ की आपूर्ति नहीं करता है.
ओपिनियन पोल में गुजरात में बीजेपी सरकार
चुनाव तारीखों के ऐलान से पहले इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया ने ओपिनियन पोल कराया, जिससे साफ है कि भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर अपने गढ़ गुजरात को बचाने में सही साबित हो रही है. 182 विधानसभा सीटों के लिए कराए गए ओपिनियन पोल के मुताबिक बीजेपी 115 से 125 सीटों पर जीत का परचम लहराने जा रही है. गुजरात की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के खाते में 57 से 65 सीटें आती दिख रही हैं.


















