राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड में 15 युवाओं की मौत के बाद प्रदेश सरकार ने कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा और वैधता को लेकर सख्ती बढ़ा दी है।
पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाकर बिना पंजीकरण संचालित हो रहे कोचिंग संस्थानों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पंजीकृत कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था का भी गहन निरीक्षण कराया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग की विशेष सचिव निधि श्रीवास्तव ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं।
सर्वे में यह पता लगाया जाएगा कि कौन से संस्थान उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत हैं और कौन बिना अनुमति के संचालित हो रहे हैं। अवैध पाए जाने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल पंजीकरण होने भर से कोचिंग संस्थानों को राहत नहीं मिलेगी। पंजीकृत संस्थानों में भवन की मजबूती, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, विद्युत सुरक्षा, आपातकालीन निकास, वेंटिलेशन और साफ-सफाई जैसी जरूरी सुविधाओं की भी जांच होगी। सुरक्षा मानकों में किसी तरह की कमी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

















