पटना जिले के फतुहा औद्योगिक क्षेत्र में 600 एकड़ में प्रस्तावित एजुकेशन सिटी का निर्माण होगा। इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भूमि को चिह्नित किया है।
प्रस्तावित जमीन पर राज्य सरकार के स्तर एजुकेशन सिटी का निर्माण कराने का फैसला जल्द लिया जाएगा, क्योंकि राज्य मंत्रिमंडल ने 16 दिसंबर 2025 को ही एजुकेशन सिटी के निर्माण संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति दी थी। तब से जमीन को लेकर मामला अटका हुआ था।
1000 करोड़ का प्रोजेक्ट
मिली जानकारी के मुताबिक, इस महत्वाकांक्षी एजुकेशन सिटी परियोजना पर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा, अनुसंधान और रोजगार के लिए विश्व स्तरीय माहौल तैयार करना है।
रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। एजुकेशन सिटी में पीपीपी मोड भी कराने का सुझाव आया है, ताकि बाहर से निवेश को लाया जा सके। इसकी प्रमुख विशेषताएं अंतरराष्ट्रीय मॉडल का स्वरूप होगा।
छात्र-छात्राओं के लिए वैश्विक स्तर की शिक्षा और प्रशिक्षण की सुविधा होगी। इसमें आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, अनुसंधान केंद्र, छात्रावास, खेल परिसर और शिक्षकों के लिए आवासीय व्यवस्था आदि सुविधा होगी।
परिसर में इंडस्ट्री कनेक्शन, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटी, कई अत्याधुनिक कोर्स और रिसर्च समेत को-करिकुलर एक्टिविटी के बड़े मौके एक ही जगह पर उपलबध होंगे।
उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और छात्रों को रोजगार से जोड़ने के लिए इसमें कॉर्पोरेट संस्थानों और उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी रहेगी, इसलिए एजुकेशन सिटी को ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस पर आधारित कैंपस मॉडल बनाने का लक्ष्य है।
शिक्षा विभाग का मानना है कि यह एक ऐसा एजुकेशन हब होगा जहां यूनिवर्सिटी व कॉलेज की अपनी अलग पहचान होते हुए भी वे सुविधाएं शेयर करेंगे। इसमें देशभर के छात्र-छात्राओं को क्वालिटी एजुकेशन मिलेगी। ऐसा करने से बिहार शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र बनकर उभरेगा।

















