बुंदेलखंड की रेल कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाली खैरार-अकोना दूसरी रेल लाइन ने शुक्रवार को अपनी सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा सफलतापूर्वक पार कर ली।
रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) पूर्वोत्तर परिमंडल के प्रणजीव सक्सेना की मौजूदगी में खैरार-अकोना रेलखंड पर निरीक्षण यान का 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल किया गया।
ट्रायल के सफल होने के बाद अब सीआरएस की अंतिम स्वीकृति का इंतजार है। मंजूरी मिलते ही इस रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन शुरू करने का रास्ता साफ हो जाएगा। यह उपलब्धि केवल बांदा जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बुंदेलखंड के लिए बड़ी राहत है।
खैरार स्टेशन बांदा जिले में स्थित है, जबकि इचौली और अकोना स्टेशन हमीरपुर जिले में आते हैं। यह रेलखंड झांसी-मानिकपुर एवं खैरार-भीमसेन दोहरीकरण परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो भविष्य में बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट और कानपुर की रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती देगा।
गुरुवार को शुरू हुए दो दिवसीय वैधानिक निरीक्षण के दौरान सीआरएस ने खैरार स्टेशन, स्टेशन भवन, रिले रूम, इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग प्रणाली, सिग्नलिंग नेटवर्क, ओवरहेड इलेक्ट्रिक उपकरण (ओएचई), ट्रैक्शन व्यवस्था और पुल-पुलियों का बारीकी से परीक्षण किया था।
शुक्रवार को इचौली-अकोना के बीच शेष रेलखंड का निरीक्षण पूरा कर विंडो ट्रेलिंग की गई और इसके बाद 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से स्पीड ट्रायल कराया गया। ट्रायल के दौरान ट्रैक की स्थिरता, विद्युतीकरण, संरक्षा उपकरणों और सिग्नलिंग प्रणाली की कार्यक्षमता की जांच की गई।

















